विधानसभा में राजस्थानी पर अकेले पड़े ये लड़ाके

राजस्थान विधानसभा में राजस्थानी भाषा पर जमकर हंगामा हुआ
विधानसभा  में  आज मायड़ भाषा अपने अस्तित्व संघर्ष करती नजर तो आई पर अपनी दुर्दशा देख खूब रोई। रविंद्र सिंह भाटी , हो या बाबू सिंह राठौड़, कोलायत के अंसुमान सिंह भाटी हो या जालोर से जीते जोगेश्वर गर्ग , राजस्थानी भाषा के दारोकर तो बने लेकिन राजस्थानी भाषा का दुर्भाग्य ऐसा की सदन में इजाजत ही नही। और आखिरकार हिंदी मे शपथ लेने के लिए मंजूर हुए। सबसे पहले बीकानेर के कोलायत से जीते अंशुमान सिंह भाटी ने राजस्थानी भाषा में शपथ लेना शुरू की तो अफसर टूट  पड़े। ईसी बीच जोगेश्वर गर्ग ने भी आवाज उठाई लेकिन मंजूर नही हुई। उसके बाद जोधपुर  के शेरगढ़ सीट से जीते बाबू सिंह राठौड़ का नंबर आया तब उन्होंने भी  आवाज में स्पीकर से गुजारिश कि लेकिन इजाजत नहीं मिली, तो फिर  संस्कृत में ही शपथ ली। जब इतने लोग राजस्थानी भाषा में शपथ लेने से रोके जा चुके थे  तो भला अब राजस्थानी भाषा में शपथ केसे ले सकता था, लेकिन शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी का नंबर आया तब   jayt पर गरुड़ी लाल मीणा बैठे थे  मीणा ने रोकने की कोशिश भी की लेकिन भाटी रुके नहीं , राजस्थानी भाषा में शपथ लेके ही रुके हालांकि बाद में फिर हिंदी में शपथ लेनी पड़ी।

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